रेल हादसे कराने को लेकर आए दिन हो रहीं साजिशों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा है कि रेल हादसे कराने की कोई भी साजिश लंबे समय तक नहीं चल पाएगी। सरकार देशभर में 1.10 लाख किलोमीटर लंबे रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा के लिए जल्द एक योजना लाएगी।
शाह का यह बयान देश में पिछले दिनों हुए रेल हादसों के संदर्भ में आया है। इनमें अधिकतर में रेलवे पटरियों पर अवरोधक रखे गए थे और तोड़फोड़ एवं नुकसान पहुंचाने की साजिश नजर आई।
रेल हादसे की साजिशों पर सरकार का प्लान
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के तीसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के मौके पर संवाददाता सम्मेलन में गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने पिछले दो दिन में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ रेलवे सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा की है।
उन्होंने वैष्णव के साथ प्रेस वार्ता में कहा-
‘‘जहां तक दुर्घटनाओं की बात है हम इसकी जड़ तक पहुंचकर कारण का पता लगाएंगे। जो भी कारण हो, सरकार इस मुद्दे पर ध्यान देने के लिए प्रतिबद्ध है। अगर कोई साजिश है तो लंबे समय तक नहीं चलेगी। अगर कोई कमी है, तो उसे दूर किया जाएगा। हमने हाल में हुई घटनाओं पर कड़ा रुख अख्तियार किया है और इस पर ध्यान देने के लिए एक योजना लेकर आएंगे।’’
शाह ने कहा कि सीबीआई, एनआईए, रेलवे पुलिस और गृह मंत्रालय रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा के लिए योजना तैयार कर रहे हैं ताकि कोई षड्यंत्र न रचा जा सके।
कांग्रेस ने उठाए थे रेल हादसों पर सवाल
कांग्रेस ने दावा किया था कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन में 38 रेलवे दुर्घटनाएं हुई हैं। उसने वैष्णव पर इन हादसों को ‘मामूली घटना’ बताकर खारिज करने का आरोप लगाया।
शाह ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में रेलवे नेटवर्क का विस्तार हो रहा है और लोग इसके गवाह हैं। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने लगातार तीसरे कार्यकाल में कामकाज संभालने के बाद पहले 100 दिन में आठ नई रेलमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दी है ताकि ट्रेनों से तेज और सुविधाजनक यात्रा हो सके।
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