परेश रावल की हड्डी क्या सच में पेशाब पीने से जुड़ गई?

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता परेश रावल (Paresh Rawal) ने हाल ही में एक इंटरव्यू में ऐसा खुलासा किया, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। उन्होंने बताया कि एक बार फ्रैक्चर के इलाज के दौरान, एक्शन डायरेक्टर वीरू देवगन के कहने पर उन्होंने 15 दिन तक हर सुबह अपना पहला पेशाब पिया था। इतना ही नहीं परेश रावल ने बड़ी दृढ़ता के साथ कहा कि उन्होंने इसे बीयर की तरह सिप करते हुए पिया था।

Paresh Rawal का हैरान करने वाला दावा

परेश रावल ने लल्लनटॉप से बातचीत में सनसनीखेज दावा करते हुए कहाः

मैं नानावटी में था, वहां वीरू देवगन साहब आए थे। उन्हें पता लगा कि परेश रावल भी यहीं है तो वो मुझसे मिलने आए। उन्होंने मुझसे पूछा – क्या हुआ तुझे? तो मैंने बताया कि मैं गिर गया था, तो फ्रैक्चर हुआ है। अभी तीन-चार दिन ही हुए हैं। उन्होंने तपाक से मुझसे पूछा- मैं जो बोलूंगा वो करेगा? मैंने कहा – क्या? वो फिर बोले- करेगा? तो मैंने कहा- हां करूंगा सर, बताइए। उन्होंने कहा- सुबह उठकर फर्स्ट यूरीन पीना अपना। मैं चौंका तो फिर बोले- सुबह उठकर फर्स्ट यूरीन पीना अपना, सब फाइटर लोग यही करते हैं। कोई तकलीफ नहीं रहेगी…कभी कुछ नहीं होगा। सुबह उठकर फर्स्ट यूरीन पीना। लेकिन शराब, मटन, तंबाकू कुछ मत खाना। इसके अलावा बाकी सब नॉर्मल खाना खा सकते हो। मैंने बोल दिया ठीक है, मैं करूंगा। अगली सुबह मैंने अपने आपको तैयार किया। मैंने सोचा कि अगर ये करना ही है तो मैं एक बार में मुंह में उड़ेलूंगा नहीं, मैं इसे बीयर की तरह सिप करके पियूंगा। मैंने 15 दिन तक यह किया। 15 दिन बाद जब एक्सरे कराया तो डॉक्टर दंग रह गए। डॉक्टरों ने बताया जहां फ्रैक्चर था, वहां व्हाइट सीमेंट जैसी फिलिंग हो रही थी। मुझे काम पर लौटने में जहां दो से ढाई महीने लगने वाले थे, मैं महज महीने भर में काम पर लौट सका। ये जादू हुआ था।

परेश रावल के इस बयान से सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया है। लोग परेश रावल के दावे पर न सिर्फ सवाल उठा रहे हैं, बल्कि उनकी सोच पर भी सवाल उठा रहे हैं।

परेश रावल के दावे पर डॉक्टर की प्रतिक्रिया

परेश रावल के वायरल वीडियो पर एक्स (पूर्व ट्विटर) यूजर और हेल्थ एक्सपर्ट The Liver Doc ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखाः

“क्योंकि एक बॉलीवुड एक्टर ने कहा है इसलिए कृपया भूलकर भी अपना पेशाब न पिएं।”

डॉक्टर ने साफ कहा कि पेशाब पीने के किसी भी स्वास्थ्य लाभ को लेकर कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। बल्कि, ऐसा करने से शरीर में बैक्टीरिया, विषैले तत्व और हानिकारक केमिकल्स दोबारा प्रवेश कर सकते हैं, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
उन्होंने आगे कहाः

“आपके गुर्दे (Kidneys) बहुत मेहनत से शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालते हैं। उसे वापस शरीर में डालना मूर्खता है।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूरीन पूरी तरह से स्टेराइल नहीं होता। इसमें मौजूद केमिकल्स स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं।
The Liver Doc ने परेश रावल पर तंज कसते हुए कहा कि वे भारतीय ‘WhatsApp Boomer Uncle’ का परफेक्ट उदाहरण हैं, जो सिर्फ मीडिया में बने रहने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।

यूरीन थैरेपी: क्या कहता है विज्ञान?

यूरीन थैरेपी (Shivambu Therapy) भारत सहित कई देशों में सदियों से आयुर्वेदिक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का हिस्सा रही है। इसके समर्थकों का मानना है कि यूरीन में मौजूद मिनरल्स, हार्मोन और एंटीबॉडी शरीर को हीलिंग में मदद कर सकते हैं।

हालांकि, आधुनिक मेडिकल साइंस इस दावे को पूरी तरह प्रमाणित नहीं करता।

यूरीन 95% पानी और बाकी यूरिया, खनिज, हार्मोन और टॉक्सिन्स का मिश्रण होता है। शरीर यूरीन के माध्यम से अनचाहे और बेकार तत्व बाहर निकालता है, इसलिए इसे पुनः सेवन करना आमतौर पर साइंटिफिकली अनुशंसित नहीं है।

कुछ छोटे शोधों में यूरीन थैरेपी से त्वचा के घावों में मामूली फायदा देखा गया है, लेकिन फ्रैक्चर या हड्डी जोड़ने में इसके लाभ पर कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है।

 

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