आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आईटी नियमों में संशोधन के माध्यम से सोशल मीडिया पर शिकंजा कसने की मोदी सरकार की तैयारी पर तीखा प्रहार किया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की लोकप्रियता ग्राफ अब तेजी से नीचे गिर रहा है और जनता की नाराजगी सड़कों से लेकर डिजिटल मंचों तक दिखाई दे रही है। इसी जन-आक्रोश से भयभीत होकर सरकार अब सोशल मीडिया को नियंत्रित करने का तानाशाही रास्ता अपना रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोगों के भीतर पनप रहे गुस्से के उफान को कठोर नियमों की बेड़ियों में नहीं जकड़ा जा सकता।
“प्रधानमंत्री जी की लोकप्रियता बहुत तेज़ी से गिर रही है। देश के सामने ढेरों चुनौतियां हैं, लेकिन प्रधानमंत्री जी उनका सामना करने में असमर्थ हैं। लोगों का गुस्सा हर गली हर मोहल्ले में सुनाई दे रहा है। देश का युवा सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी निराशा और गुस्से का इज़हार कर रहा है। मोदी जी को समझना होगा कि लोगों में पनप रहे गुस्से के उफान को इस तरह के नियमों से नहीं दबा पाएंगे।”
समस्याओं के समाधान के बजाय आलोचना का गला घोंटने की साजिश
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार बुनियादी समस्याओं को हल करने में पूरी तरह विफल रही है। आज स्थिति यह है कि समाधान निकालने के बजाय सरकार उन लोगों को निशाना बना रही है जो सवाल पूछते हैं या नीतियों की आलोचना करते हैं। विरोधियों को गिरफ्तार करना और अब सोशल मीडिया के स्वतंत्र स्वर को दबाने की योजना बनाना यह दर्शाता है कि सत्ता जनमत से डर गई है। केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक देश में जनता की आवाज को दबाने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी।
“समस्याओं का समाधान निकालने की बजाय सवाल पूछने वालों और सरकार की आलोचना करने वालों को गिरफ़्तार किया जा रहा है। अब सरकार ने सोशल मीडिया को ही कंट्रोल करने की योजना बना डाली है।”
भाजपा के ‘खस्ताहाल’ विकास मॉडल पर अरविंद केजरीवाल का हमला
भाजपा शासित राज्यों में बुनियादी ढांचे की जर्जर स्थिति पर निशाना साधते हुए अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के वडोदरा में हुए दर्दनाक हादसे का उल्लेख किया। वडोदरा सेंट्रल बस स्टेशन का ऊपरी हिस्सा गिरने से एक व्यक्ति की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हैं कि उनके बनाए पुल, सड़कें और एयरपोर्ट पहली ही परीक्षा में ढह जाते हैं। केजरीवाल ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के विकास मॉडल में न तो पुल टिकते हैं और न ही जनता का भरोसा, वहां सिर्फ भ्रष्टाचार का बोलबाला है।
“वडोदरा सेंट्रल बस स्टेशन के ऊपरी हिस्से का भारी-भरकम स्ट्रक्चर टूटकर नीचे गिर गया, जिसमें दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। भाजपा सरकार द्वारा बनाए न पुल टिकते हैं, न सड़क, न एयरपोर्ट, न बस स्टेशन।”
देश भर में भाजपा सरकार के घटिया निर्माण और आम जनजीवन से जुड़ी असुरक्षा को लेकर अरविंद केजरीवाल ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब सरकार जनता की बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा का ध्यान रखने में असमर्थ हो जाती है, तो वह अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला करती है, लेकिन आम आदमी पार्टी जनता के हक की आवाज को दबने नहीं देगी।