आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे में सैफई मेडिकल कॉलेज के चार डॉक्टरों सहित पांच लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना बुधवार तड़के हुई जब तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और सड़क के दूसरी ओर गिर गई। इसके बाद गुजर रहे एक ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है।
अखिलेश यादव का बयान: ‘भाजपा सरकार की अनदेखी हादसों का कारण’
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस हादसे को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने एक्स पर लिखा, *“हर एक जान अनमोल होती है, लेकिन जान बचाने वाले डॉक्टरों की मौत और भी दुखद है। श्रद्धांजलि!”*
यादव ने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, जिसे उनकी सरकार ने बनाया था, भाजपा शासन में उपेक्षा का शिकार हो रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा,
क्या भाजपा सरकार के पास इस विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे की देखरेख करने की क्षमता नहीं है, या यह जानबूझकर किया जा रहा है?
‘भाजपा की लापरवाही जनता की जान ले रही है’
हादसे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए यादव ने कहा कि सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए कि एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं। उन्होंने सवाल किया-
“क्या जानवरों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए कोई उपाय नहीं किए जा सकते? भाजपा के राज में एक्सप्रेसवे के प्रति द्वेषपूर्ण रवैया जनता की जान पर भारी पड़ रहा है।”
पुलिसिंग पर सवाल: ‘मोबाइल देखने तक सीमित है पेट्रोलिंग?’
सपा प्रमुख ने एक्सप्रेसवे पर पुलिसिंग व्यवस्था की भी आलोचना की। उन्होंने कहा-
“क्या हाइवे की पुलिसिंग कोने में गाड़ी लगाकर मोबाइल देखने के लिए ही रह गयी है? जब मोबाइल से सिर उठाएंगे तब तो देखेंगे कि कौन गलत-सही गाड़ी चला रहा है। क्या स्पीड पर निगाह रखने वाली सीसीटीवी टेक्नोलॉजी केवल चालान काटकर पैसा कमाने के लिए है या चेतावनी देकर जान बचाने के लिए भी है।”
यादव ने हाईवे पर गति नियंत्रण के लिए लगे सीसीटीवी कैमरों के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए।
सपा की सोच बनाम भाजपा की रणनीति
अखिलेश यादव ने एक्सप्रेसवे को समाजवादी पार्टी की “बड़ी सोच का ठोस रूप” बताया। उन्होंने कहा, *“हमने इसे सिर्फ एक सड़क के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसा माध्यम बनाया जो सुरक्षा, आवागमन, अर्थव्यवस्था और कृषि के विकास को गति दे। लेकिन भाजपा ने इसे टोल कमाई का जरिया बना दिया है। और वह भी निजी कंपनियों के माध्यम से।”*
भाजपा सरकार को घेरा: ‘जनता जवाब मांग रही है’
यादव ने भाजपा सरकार से सीधे सवाल किया कि एक्सप्रेसवे के रखरखाव और जान-माल की सुरक्षा के लिए कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे। उन्होंने कहा-
“अगर सरकार में कोई जिम्मेदार व्यक्ति है, तो वह जवाब भले न दे, लेकिन जनता की जान बचाने के उपाय जरूर करे।”
यह हादसा न केवल डॉक्टरों की दुखद मौत की ओर इशारा करता है, बल्कि एक्सप्रेसवे के प्रबंधन में हो रही खामियों को भी उजागर करता है। सपा प्रमुख ने जिस प्रकार सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, वह जनता के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि भाजपा सरकार इन सवालों का जवाब देती है या नहीं।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.