दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए रोमांचक और हाई-स्कोरिंग मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने शानदार बल्लेबाजी का नज़ारा पेश करते हुए 412 रन बनाए और भारत को 43 रनों से हराकर सीरीज़ अपने नाम कर ली। इस मुकाबले को महिला क्रिकेट के इतिहास के सबसे आक्रामक वनडे मैचों में गिना जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी – बेथ मूनी का तूफानी शतक
ऑस्ट्रेलिया की पारी पूरी तरह उनके टॉप ऑर्डर के नाम रही। बेथ मूनी ने महज 75 गेंदों में 138 रन ठोक डाले, जिसमें 23 चौके और एक छक्का शामिल था। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने भारतीय गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया।
- जॉर्जिया वोल ने 81 रनों की शानदार पारी खेली।
- एलीस पेरी ने 68 रन जोड़े।
- एश्ले गार्डनर ने 39 रन का तेज़तर्रार योगदान दिया।
लगातार साझेदारियों ने भारत पर दबाव बनाए रखा और मूनी के तूफान ने स्कोर को 400 के पार पहुंचा दिया।
भारत की ओर से अरुंधति रेड्डी ने 3 विकेट झटके लेकिन 10 ओवर में 80 से ज्यादा रन लुटाए। वहीं दीप्ति शर्मा और कुलदीप यादव ने 2-2 विकेट लिए।
भारत की जवाबी पारी – स्मृति का करारा जवाब
लक्ष्य बड़ा था लेकिन भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। ओपनर स्मृति मंधाना ने शानदार अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए 63 गेंदों में 125 रन ठोके। उनकी पारी में 17 चौके और 5 छक्के शामिल थे।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 52 रन जोड़े और दोनों ने मिलकर भारत का स्कोर 20 ओवरों में 206/3 तक पहुंचा दिया। इस दौरान लग रहा था कि भारत चमत्कार कर सकता है।
इसके बाद दीप्ति शर्मा (72) ने डटकर मुकाबला किया, लेकिन मिडिल ऑर्डर लगातार लड़खड़ाता रहा। अंततः भारतीय टीम 47 ओवरों में 369 रन पर ऑलआउट हो गई।
हार पर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने क्या कहा?
रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम के हाथों मिली हार पर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहाः
“हारना कभी आसान नहीं होता, लेकिन इस सीरीज़ से हमें बहुत कुछ सीखने को मिला। दीप्ति और स्नेह ने शानदार बल्लेबाजी की। हमारी बल्लेबाजी गहराई दिखा रही है, लेकिन फील्डिंग अभी भी चिंता का विषय है। सकारात्मक बात यह है कि हमारे पास खिलाड़ियों का अच्छा पूल है और वर्ल्ड कप में हम विभिन्न संयोजनों के साथ उतर सकते हैं। यह एक बेहद प्रतिस्पर्धी सीरीज़ रही और अब फोकस होम वर्ल्ड कप पर है।”
प्लेयर ऑफ द मैच बेथ मूनी ने क्या कहा?
ऑस्ट्रेलिया की मिडिल ऑर्डर की बल्लेबाज बेथ मूनी ने शानदार पारी खेली। उन्होंने 75 गेंदों में 138 रन बनाए, जिसमें 23 चौके और एक छक्का शामिल है। बेथ मूनी स्नेह राणा की गेंद पर रनआउट होकर अपना विकेट गंवा बैठीं। सर्वाधिक निजी स्कोर और जिताऊ पारी के चलते बेथ मूनी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस मौके पर बेथ मूनी ने कहाः
“यह बल्लेबाजी के लिए बेहतरीन विकेट था। पेरी और वोल ने हमें मजबूत शुरुआत दी और मैंने उसी लय को आगे बढ़ाने की कोशिश की। एक समय लगा कि हम 430-450 तक पहुंच सकते हैं। मेरे लिए हमेशा टीम को जीत में योगदान देना प्राथमिकता है। उम्मीद है वर्ल्ड कप में हर विकेट ऐसा नहीं होगा, वरना यह वनडे से ज्यादा टी20 जैसा हो जाएगा।”
स्मृति मंधाना बनीं प्लेयर ऑफ द सीरीज़
भारतीय टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना को प्लेयर ऑफ द सीरीज़ चुना गया। इस मौके पर उन्होंने कहाः
“मेरा फोकस सिर्फ सरल क्रिकेट खेलने पर था। विकेट और तेज़ आउटफील्ड पर भरोसा किया। योजना थी क्रीज़ पर टिके रहना और अपने शॉट्स खेलना। सीरीज़ जीतना अच्छा होता, लेकिन यह मुकाबला शानदार रहा। मैं बस अपनी प्रक्रिया पर टिके रहना चाहती हूं।”
ऑस्ट्रेलिया की जीत पर कप्तान एलिसा हीली ने क्या कहा?
तीसरे वनडे में भारतीय टीम को 43 रनों से शिकस्त देने के बाद अवॉर्ड सेरेमनी में ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली ने कहाः
“यह अब तक की सबसे फ्लैट पिचों में से एक थी। हमें पहले ही बताया गया था कि यह 400 प्लस विकेट है। हमने एक समय इसे 20-20 ओवर के टी20 की तरह खेलने का सोचा और रन निकालते रहे। गेंदबाजों के लिए यह आसान नहीं था, लेकिन हमने झुके बिना दबाव बनाया और मिडिल ऑर्डर में ब्रेकथ्रू लिया। वर्ल्ड कप से पहले यह बड़ी जीत है और टीम का आत्मविश्वास ऊंचा है।”
इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज़ 2-1 से अपने नाम की और वर्ल्ड कप से पहले खतरनाक इरादे जाहिर कर दिए। दूसरी ओर, भारत ने हार के बावजूद दमदार बल्लेबाजी से यह साबित किया कि वह वर्ल्ड कप में किसी भी टीम को चुनौती देने की क्षमता रखता है।
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