Delhi Teachers Stray Dogs Order | दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को अब बच्चों को शिक्षित करने के साथ-साथ सड़कों पर आवारा कुत्तों की निगरानी और गिनती भी करनी होगी। भाजपा नीत दिल्ली सरकार के इस विचित्र आदेश ने राजधानी में एक बड़ा सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे शिक्षकों का अपमान और शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने वाली साजिश करार दिया है।
“शिक्षकों का अपमान, शिक्षा की बर्बादी”: केजरीवाल का सीधा हमला
मंगलवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह आदेश उनकी शिक्षा-विरोधी सोच को बेनकाब करता है। उन्होंने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पूछा, “दिल्ली में सरकारी स्कूलों के शिक्षक बच्चों को पढ़ाएंगे या सड़कों पर कुत्ते गिनेंगे?”
केजरीवाल ने अपनी सरकार के कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि उनके समय में शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता थी।
“हमारी सरकार ने शिक्षकों को सम्मान दिया, उन्हें प्रशिक्षण के लिए फिनलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में भेजा और उन पर से गैर-जरूरी प्रशासनिक बोझ हटाया। लेकिन आज भाजपा सरकार शिक्षकों को ऐसे कामों में लगा रही है जो उनकी गरिमा के खिलाफ हैं।”
– अरविंद केजरीवाल
आवारा कुत्तों की नसबंदी और निगरानी की जिम्मेदारी
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश की कॉपी साझा करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। आदेश के मुताबिक, शिक्षकों को स्ट्रीट डॉग्स की निगरानी सुनिश्चित करनी होगी, यह देखना होगा कि उनकी नसबंदी समय पर हो और वे स्कूल कैंपस के भीतर प्रवेश न करें।
सौरभ भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा-
“रेखा गुप्ता सरकार हर दिन अनर्गल आदेश निकाल रही है। शिक्षक बच्चों का भविष्य संवारने के लिए होते हैं, न कि आवारा कुत्तों की रखवाली करने के लिए। क्या भाजपा सरकार शिक्षकों को ‘डॉग वॉचर’ बनाना चाहती है?”
एस्टेट मैनेजर बनाम कुत्ता निगरानी: प्राथमिकताओं का अंतर
सौरभ भारद्वाज ने याद दिलाया कि ‘आप’ सरकार के दौरान स्कूलों की व्यवस्था संभालने के लिए एक अलग ‘एस्टेट मैनेजर’ नियुक्त किया गया था। बेंच बदलने, सफाई करवाने या बिल्डिंग की मरम्मत जैसे कामों के लिए शिक्षकों को परेशान नहीं किया जाता था, ताकि वे अपना पूरा समय शिक्षण कार्य में दे सकें। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर दिल्ली के विश्वस्तरीय शिक्षा मॉडल को ध्वस्त करने पर तुली है।
शिक्षा व्यवस्था पर संकट के बादल
विशेषज्ञों और शिक्षक संघों में भी इस आदेश को लेकर गहरा असंतोष है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने चेतावनी दी है कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक और अपमानजनक कार्यों में झोंकने से छात्रों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जिनके लिए शिक्षा कोई मुद्दा ही नहीं है, वे इसी तरह के विनाशकारी फैसले लेंगे।

