Khadi Mahotsav 2025: देसी हुनर और लोकल आर्ट का उत्सव, जानिए क्या होगा खास?

Khadi Mahotsav 2025 | अगर आप देसी हुनर, लोकल आर्ट और असली भारतीय क्राफ्ट को करीब से देखना चाहते हैं, तो 21 नवंबर से शुरू हो रहा खादी महोत्सव 2025 आपके लिए किसी खजाने से कम नहीं। 10 दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की ताकत और स्थानीय हस्तशिल्पियों की मेहनत का असली जश्न है।

गोमती नगर स्थित केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के विशाल परिसर में लगने वाला यह महोत्सव खादी, हस्तशिल्प, हाथ से बने उत्पादों और देसी कारोबारियों को एक बड़ा मंच दे रहा है। सरकार इसे सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने वाले बड़े मिशन के रूप में देख रही है।

हर जिले का नायाब हुनर एक ही जगह

इस साल का आयोजन पहले से ज्यादा बड़ा, ज्यादा आकर्षक और ज्यादा उपयोगी माना जा रहा है। प्रदेश के 160 से अधिक उद्यमी यहां अपने खास उत्पाद लेकर पहुंचेंगे। सहारनपुर के मशहूर नक्काशीदार फर्नीचर से लेकर भदोही की कालीन, अमरोहा के सदरी और गमछों से लेकर वाराणसी की रेशमी साड़ियों तक, हर जिले का बेहतरीन हुनर एक ही जगह दिखेगा। यानी एक ही छत के नीचे पूरा उत्तर प्रदेश! यह महोत्सव उन लोगों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं, जो हाथ की कला, स्वदेशी उत्पाद और परंपरागत कारीगरी को पसंद करते हैं।

उद्घाटन प्रदेश के MSME, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग और वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान करेंगे। उद्घाटन के बाद 10 दिनों तक हजारों लोग इस प्रदर्शनी में देसी उत्पादों की खरीद, कारीगरों से मुलाकात और गांवों की अनोखी क्रिएटिविटी का अनुभव करेंगे। प्रदर्शनी में लखनऊ की रॉयल हनी, प्रतापगढ़ के आंवला उत्पाद, मिट्टी कला, पारंपरिक जैकेट, बीकानेरी पापड़, लेदर वस्तुएं और कई तरह के स्वदेशी ब्रांड भी विशेष आकर्षण बनेंगे।

Khadi Mahotsav 2025 में उद्यमियों को मिलेगा बड़ा सहारा

महोत्सव में उद्यमियों को सिर्फ मंच ही नहीं मिलेगा, बल्कि उनका काम और तेज़ी से बढ़े, इसके लिए सरकार खास उपकरण भी देगी—

  • 05 लाभार्थियों को दोना मेकिंग मशीन
  • 05 को पॉपकॉर्न मशीन
  • 05 को हनी बॉक्स
  • 04 लाभार्थियों को विद्युत चालित चाक
  • 01 उद्यमी को पगमिल मशीन

साथ ही राज्य स्तरीय उत्कृष्ट ग्रामोद्योग इकाइयों को पुरस्कार दिए जाएंगे। यह कदम छोटे कारोबारियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में बेहद बड़ा प्रयास है।

योगी सरकार के ‘लोकल को ग्लोबल’ विजन की बड़ी मिसाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘लोकल को ग्लोबल’ विजन के तहत यह कार्यक्रम छोटे उद्यमियों को न सिर्फ एक मंच देगा, बल्कि उन्हें एक नई पहचान भी दिलाएगा। इस महोत्सव का मकसद खादी और ग्रामोद्योग की परंपरा को नए बाजार, नए ग्राहक और नई संभावनाएं देना है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी, कारीगरों को सम्मान मिलेगा और स्वदेशी उत्पादों को एक नई उड़ान मिलेगी।

खादी महोत्सव 2025 उन लोगों के लिए एक शानदार मौका है, जो देसी कला, गांवों की खुशबू और भारतीय उत्पादों की सादगी को करीब से महसूस करना चाहते हैं। एक ही जगह पर उत्तर प्रदेश की शिल्प विरासत, स्वाद, कला और परंपरा का शानदार संगम देखने का यह मौका आसान से नहीं मिलता।
21 से 30 नवंबर—ये 10 दिन आपके देसी दिल को ज़रूर पसंद आएंगे!

Author


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Comment

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

दीपिका पादुकोण का शाहरुख खान के लिए इमोशनल पोस्ट पहलगाम पर अमिताभ बच्चन ने तोड़ी चुप्पी फैटी लिवर के क्या लक्षण हैं, कैसे होगा ठीक? वैभव सूर्यवंशी के लिए बिहार सरकार का बड़ा ऐलान! IPL इतिहास में सबसे तेज़ शतक लगाने वाले बल्लेबाज़!