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Masked Aadhaar क्या है? सामान्य Aadhaar से कितना अलग, जानिए सुरक्षा, इस्तेमाल और डाउनलोड करने का तरीका

Masked Aadhaar

Masked Aadhaar vs Regular Aadhaar | आधार कार्ड आज भारत में सबसे महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेजों में से एक है। बैंकिंग, सरकारी योजनाओं, सिम कार्ड, यात्रा, नौकरी और कई अन्य सेवाओं में पहचान और KYC के लिए आधार का इस्तेमाल किया जाता है। आधार में 12 अंकों का एक यूनिक नंबर होता है, जिसके जरिए व्यक्ति की पहचान की जाती है।

हालांकि, हर जगह अपना पूरा 12 अंकों वाला आधार नंबर साझा करना जरूरी नहीं होता। इसी को ध्यान में रखते हुए Masked Aadhaar का विकल्प उपलब्ध है। इसमें आधार नंबर के शुरुआती 8 अंक छिपे रहते हैं और केवल अंतिम 4 अंक दिखाई देते हैं। इससे पहचान से जुड़ी जानकारी साझा करते समय आधार नंबर की गोपनीयता को बेहतर तरीके से बनाए रखने में मदद मिलती है।

Masked Aadhaar क्या होता है?

Masked Aadhaar, e-Aadhaar का एक ऐसा संस्करण है जिसमें 12 अंकों वाले आधार नंबर के पहले 8 अंक छिपा दिए जाते हैं। इसमें केवल आधार नंबर के आखिरी चार अंक दिखाई देते हैं।

उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति का आधार नंबर:

1234 5678 9012

है, तो Masked Aadhaar में यह इस तरह दिखाई देगा:

XXXX XXXX 9012

इसमें व्यक्ति की अन्य जानकारी, जैसे नाम, फोटो, जन्मतिथि और पता, दस्तावेज में उपलब्ध हो सकती है। मुख्य अंतर आधार नंबर को प्रदर्शित करने के तरीके का है।

सामान्य Aadhaar और Masked Aadhaar में क्या अंतर है?

सामान्य Aadhaar और Masked Aadhaar दोनों आधार पहचान दस्तावेज के संस्करण हैं, लेकिन इनमें सबसे बड़ा अंतर आधार नंबर की दृश्यता का है।

आधार सामान्य Aadhaar Masked Aadhaar
आधार नंबर पूरे 12 अंक दिखाई देते हैं केवल अंतिम 4 अंक दिखाई देते हैं
गोपनीयता पूरा नंबर सामने रहता है नंबर का अधिकांश हिस्सा छिपा रहता है
उपयोग जहां पूरा आधार नंबर आवश्यक हो जहां पहचान के लिए पूरा नंबर जरूरी न हो
सुरक्षा संवेदनशील नंबर साझा करना पड़ सकता है आधार नंबर की अनावश्यक शेयरिंग कम होती है
पहचान संबंधी जानकारी उपलब्ध उपलब्ध

इसलिए Masked Aadhaar का मुख्य उद्देश्य आधार नंबर को अनावश्यक रूप से सार्वजनिक या साझा होने से बचाना है।

Masked Aadhaar की जरूरत क्यों पड़ती है?

कई बार होटल, निजी संस्थान, कंपनी या किसी अन्य सेवा प्रदाता को आपकी पहचान की जरूरत होती है, लेकिन उस काम के लिए पूरा आधार नंबर आवश्यक नहीं होता। ऐसी स्थिति में पूरा आधार नंबर साझा करने के बजाय Masked Aadhaar उपयोगी हो सकता है।

मसलन, यदि किसी जगह केवल यह सत्यापित करना है कि दस्तावेज किसी व्यक्ति का है, तो पूरा 12 अंकों का नंबर उपलब्ध कराने की जरूरत हमेशा नहीं होती।

इस तरह Masked Aadhaar का इस्तेमाल डेटा प्राइवेसी और आधार नंबर की सुरक्षा के लिहाज से किया जा सकता है।

क्या Masked Aadhaar में नाम और फोटो दिखाई देते हैं?

हाँ। Masked Aadhaar में आधार नंबर के शुरुआती 8 अंक छिपे होते हैं, लेकिन दस्तावेज में अन्य पहचान संबंधी विवरण दिखाई दे सकते हैं।

इसमें आम तौर पर आधार धारक का नाम, फोटो और अन्य विवरण दिखाई देते हैं। इसलिए यह केवल आधार नंबर को छिपाने वाला संस्करण है, न कि ऐसा दस्तावेज जिसमें व्यक्ति की सारी पहचान संबंधी जानकारी हटा दी जाती है।

क्या Masked Aadhaar वैध है?

Masked Aadhaar को UIDAI द्वारा उपलब्ध कराया जाता है और यह e-Aadhaar का एक आधिकारिक विकल्प है। हालांकि, इसका इस्तेमाल उस स्थिति पर निर्भर करता है कि संबंधित संस्था या सेवा के लिए किस प्रकार का आधार विवरण आवश्यक है।

अगर किसी सरकारी, वित्तीय या अन्य निर्धारित प्रक्रिया में पूरा आधार नंबर आवश्यक है, तो केवल Masked Aadhaar पर्याप्त नहीं हो सकता। इसलिए दस्तावेज जमा करने से पहले संबंधित संस्था की आवश्यकता और नियमों को देखना जरूरी है।

Masked Aadhaar कहां इस्तेमाल किया जा सकता है?

Masked Aadhaar उन परिस्थितियों में उपयोगी हो सकता है जहां केवल पहचान का प्रमाण देना हो और पूरा आधार नंबर साझा करना जरूरी न हो।

उदाहरण के तौर पर:

हालांकि, हर जगह Masked Aadhaar स्वीकार किया जाएगा, यह जरूरी नहीं है। किसी सेवा के लिए पूरा आधार नंबर या अन्य KYC विवरण अनिवार्य हो सकता है।

कहां पूरा Aadhaar नंबर जरूरी हो सकता है?

कुछ सेवाओं में आधार नंबर का पूरा विवरण आवश्यक हो सकता है। उदाहरण के तौर पर बैंकिंग और कुछ सरकारी या वित्तीय प्रक्रियाओं में संबंधित नियमों के अनुसार पूरा आधार विवरण मांगा जा सकता है।

इसलिए Masked Aadhaar को हर परिस्थिति में सामान्य Aadhaar का पूर्ण विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

Masked Aadhaar कैसे डाउनलोड करें?

Masked Aadhaar को UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए डाउनलोड किया जा सकता है।

इसके लिए सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. e-Aadhaar डाउनलोड करने वाले विकल्प पर जाएं।
  3. अपना Aadhaar Number, Enrolment ID या उपलब्ध विकल्प के अनुसार जानकारी दर्ज करें।
  4. आवश्यक विवरण भरकर OTP के माध्यम से सत्यापन करें।
  5. डाउनलोड प्रक्रिया में Masked Aadhaar का विकल्प चुनें।
  6. PDF डाउनलोड करें।
  7. डाउनलोड की गई PDF को खोलने के लिए निर्धारित पासवर्ड का इस्तेमाल करें।

ध्यान रखें कि आधार से जुड़ी जानकारी केवल UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत माध्यमों से ही साझा और डाउनलोड करना बेहतर है।

e-Aadhaar PDF का पासवर्ड क्या होता है?

डाउनलोड किया गया e-Aadhaar PDF पासवर्ड से सुरक्षित होता है। सामान्यतः PDF खोलने के लिए आधार धारक के नाम के पहले चार अंग्रेजी अक्षरों और जन्म वर्ष का इस्तेमाल किया जाता है।

उदाहरण:

अगर नाम RAHUL KUMAR है और जन्म वर्ष 1995 है, तो पासवर्ड होगा:

RAHU1995

इसी तरह नाम AMIT SHARMA और जन्म वर्ष 1988 होने पर पासवर्ड होगा:

AMIT1988

नाम को आधार में दर्ज अंग्रेजी नाम के अनुसार लेना चाहिए।

क्या Masked Aadhaar ज्यादा सुरक्षित है?

Masked Aadhaar का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें पूरा 12 अंकों का आधार नंबर सामने नहीं आता। इससे उन परिस्थितियों में अनावश्यक रूप से पूरा आधार नंबर साझा करने की जरूरत कम हो सकती है, जहां केवल पहचान प्रमाण की आवश्यकता है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि Masked Aadhaar को बिना किसी सावधानी के कहीं भी साझा किया जा सकता है। इसमें व्यक्ति की अन्य पहचान संबंधी जानकारी मौजूद हो सकती है। इसलिए आधार की कॉपी किसी अनजान व्यक्ति, वेबसाइट या संस्था को देने से पहले यह देखना जरूरी है कि दस्तावेज वास्तव में क्यों मांगा जा रहा है।

Aadhaar की कॉपी देते समय किन बातों का ध्यान रखें?

आधार की फोटो कॉपी या PDF साझा करते समय कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है।

1. जरूरत होने पर ही दस्तावेज साझा करें
किसी संस्था को आधार क्यों चाहिए, इसकी जानकारी लें।

2. पूरा आधार नंबर अनावश्यक रूप से साझा न करें
जहां पूरा नंबर आवश्यक नहीं है, वहां Masked Aadhaar बेहतर विकल्प हो सकता है।

3. अनजान वेबसाइटों पर आधार अपलोड न करें
आधार जैसी संवेदनशील जानकारी केवल भरोसेमंद और आवश्यक सेवाओं के साथ साझा करें।

4. सार्वजनिक सोशल मीडिया पर आधार की फोटो पोस्ट न करें
आधार कार्ड की तस्वीर को सोशल मीडिया या सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर शेयर करने से बचना चाहिए।

5. दस्तावेज जमा करने से पहले संस्था की आवश्यकता समझें
यदि संस्था को पूरा आधार नंबर अनिवार्य रूप से चाहिए, तो Masked Aadhaar स्वीकार न किए जाने की स्थिति हो सकती है।

Masked Aadhaar और Virtual ID में क्या अंतर है?

Masked Aadhaar और Virtual ID (VID) को एक ही चीज नहीं समझना चाहिए।

Masked Aadhaar में आधार नंबर के पहले 8 अंक छिपाकर केवल अंतिम 4 अंक दिखाए जाते हैं। दूसरी ओर, VID एक अस्थायी 16 अंकों का वर्चुअल नंबर है, जिसका इस्तेमाल कुछ आधार प्रमाणीकरण प्रक्रियाओं में आधार नंबर के स्थान पर किया जा सकता है।

यानी Masked Aadhaar मुख्य रूप से आधार दस्तावेज में नंबर को छिपाने से संबंधित है, जबकि VID आधार नंबर के बजाय एक वैकल्पिक वर्चुअल पहचान संख्या उपलब्ध कराने की सुविधा है।

Masked Aadhaar से जुड़ी सबसे जरूरी बात

Masked Aadhaar का उद्देश्य आधार की उपयोगिता खत्म करना नहीं, बल्कि जरूरत से ज्यादा आधार नंबर साझा करने से बचने में मदद करना है। अगर किसी काम के लिए केवल पहचान प्रमाण की जरूरत है और पूरा आधार नंबर जरूरी नहीं है, तो Masked Aadhaar एक उपयोगी विकल्प हो सकता है।

वहीं, जहां नियमों के अनुसार पूरा आधार नंबर जरूरी है, वहां Masked Aadhaar के बजाय संबंधित प्रक्रिया के मुताबिक दस्तावेज देना पड़ सकता है।

Masked Aadhaar और सामान्य Aadhaar में मुख्य अंतर 12 अंकों वाले आधार नंबर की दृश्यता का है। सामान्य Aadhaar में पूरा नंबर दिखाई देता है, जबकि Masked Aadhaar में पहले 8 अंक छिपे रहते हैं और केवल अंतिम 4 अंक दिखाई देते हैं।

अगर किसी जगह केवल पहचान प्रमाण देना है और पूरा आधार नंबर आवश्यक नहीं है, तो Masked Aadhaar आपकी आधार नंबर की गोपनीयता बनाए रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, किसी भी सेवा के लिए दस्तावेज देने से पहले यह जांचना जरूरी है कि वहां Masked Aadhaar स्वीकार किया जाता है या नहीं।

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