नोएडा पुलिस (Noida Police) को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर पार्टपोर्ट बनवाते थे। पुलिस ने इस मामले में सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पासपोर्ट बनाने में इस्तेमाल होने वाले फर्जी दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद की है।
Noida Police ने कैसे किया पर्दाफाश?
डीसीपी सेंट्रल शक्ति मोहन अवस्थी ने प्रेस वार्ता में बताया कि बिसरख थाना पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी दस्तावेजों की मदद से पासपोर्ट बनवाते थे।
कैसे काम करता था गिरोह?
पुलिस के मुताबिक, ये गिरोह पासपोर्ट बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों को फर्जी तरीके से तैयार करते थे। आरोपी सबसे पहले नोटरी का दुरुपयोग कर फर्जी रेंट एग्रीमेंट तैयार करते थे। फर्जी रेंट एग्रीमेंट की मदद से ये आधार में पता बदलवाते थे। आधार में पता बदलने के बाद आरोपी बैंक में खाता खुलवाते थे। इन सभी दस्तावेजों को लेकर तत्काल में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया जाता था।
तत्काल पासपोर्ट के मामलों में पुलिस वेरिफिकेशन पासपोर्ट जारी होने के बाद ही होती है, ऐसे में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए पासपोर्ट पर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोग देश छोड़कर भाग जाते थे।
मुख्य अभियुक्त ने क्या बताया?
पुलिस ने इस मामले में सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। मुख्य अभियुक्त सचिन जौहरी पर आरोप है कि उसने बीते छह महीने में धांधली के जरिए 120 पासपोर्ट तैयार कराये थे। ये सभी पासपोर्ट गलत पते पर बनाए गए थे। सचिन जौहरी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि बीते दो साल में उसने पांच सौ पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किए थे। इनमें से सौ पासपोर्ट ऐसे हैं, जो फर्जी पते पर बनवाए गए हैं.
क्या-क्या हुआ बरामद?
बिसरख थाना पुलिस ने अभियुक्तों के पास से 14 मोहरें, 98 नोटोरियल टिकट, एक फर्जी कूटरचित एग्रीमेंट, एक पासपोर्ट फर्जी पते का, कम्प्यूटर सेट, फिंगर स्केनर मशीन, दो आधार कार्ड (एक ही नाम के, अलग-अलग पते के), एक पेन कार्ड, दो बैंक पासबुक, 5 मोबाइल फोन, 10 स्टांप नोटरी और एक लैपटॉप बरामद किया है।
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