सावधान! QR Code बदलकर दुकानदारों को चूना लगा रहे जालसाज

अगर आप कोई दुकानदार हैं और QR Code के जरिए डिजिटल पेमेंट लेते हैं तो सावधान हो जाइए! डिजिटल पेमेंट के जरिए कुछ जालसाज दुकानदारों की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के खजुराहो से सामने आया है, जहां जालसाजों ने दुकानों के बाहर लगे ‘क्यूआर कोड’ बदलकर भुगतान को अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कर लगभग 10 दुकानदारों को चूना लगा दिया।

मध्य प्रदेश पुलिस ने इस मामले की जानकारी दी है। मध्य प्रदेश पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ठगी का यह मामला हाल ही में सामने आया और इसमें संलिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और दो अन्य की तलाश जारी है।

दुकानों के बाहर लगे QR Code बदल रहे जालसाज

अक्सर आपने देखा होगा कि कई छोटे दुकानदार अपने ग्राहकों से डिजिटल पेमेंट लेने के लिए दुकान के बाहर ही QR कोड चिपका देते हैं। जालसाज ऐसे ही छोटे दुकानदारों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस के अनुसार, जालसाजों ने ऑनलाइन भुगतान के लिए दुकानों के बाहर लगे ‘क्यूआर कोड’ बदल दिए, जिसके बाद ग्राहकों ने जब पेमेंट की, तो वह दुकानदार के खाते में न जाकर जालसाजों के बैंक खातों में चली गई।

अधिकारियों ने बताया कि एक मेडिकल स्टोर के मालिक को संदेह हुआ कि ग्राहकों द्वारा किए गए भुगतान की राशि उनके बैंक खाते में नहीं जा रही है। इसके बाद जब सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया, तो पता चला कि एक व्यक्ति ‘क्यूआर कोड’ बदल रहा है, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की और बाद में ऐसे कई मामले सामने आए।

पुलिस ने QR कोड फर्जीवाड़े पर क्या कहा?

छतरपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अगम जैन ने बताया कि उन्हें 10 से 12 दुकानदारों से कुछ लोगों द्वारा ‘क्यूआर कोड’ बदले जाने के संबंध में शिकायतें मिली हैं जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के निवासी तीन आरोपियों ने भुगतान अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करने के लिए दुकानदारों का ‘क्यूआर कोड’ बदलकर अपना कोड लगा दिया था। जैन ने बताया कि आरोपियों में से एक छोटा तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके दो साथियों की तलाश जारी है।

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जालसाजों ने कैसे बनाया प्लान?

पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला कि तीनों कामधंधे के लिए सहारनपुर गए थे, लेकिन मनमाफिक कमाई नहीं होने पर उन्होंने वापस झांसी लौटने का निर्णय लिया। अधिकारी ने बताया कि झांसी घर लौटते समय उन्होंने ठगी के लिए अपने फोन पर ‘क्यूआर कोड’ बनाने और उन्हें अलग-अलग जगहों पर चिपकाने की साजिश रची।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उन्होंने साजिश के तहत ठेले वालों और कैमिस्ट की दुकान समेत 10 से 12 जगहों पर ‘क्यूआर कोड’ बदल दिए। उन्होंने बताया कि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि आरोपियों ने अपने बैंक खातों में कितनी राशि ट्रांसफर की है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या उन्होंने कहीं और भी इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया है?

QR Code Scam से कैसे बचें?

अगर आप क्यूआर कोड स्कैम से बचना चाहते हैं तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखेंः

  • क्यूआर कोड को अपनी निगरानी या दुकान के भीतर ही रखें।
  • दुकान के बाहर दीवार या अन्य ऐसी किसी भी जगह पर अपना क्यूआर कोड न चिपकाएं, जहां क्यूआर कोड के साथ छेड़छाड़ की संभावना हो।
  • ग्राहक को सामान देने के बाद सुनिश्चित करें कि पेमेंट आपके क्यूआर कोड पर ही की जाए।
  • क्यूआर स्कैन के बाद सुनिश्चित करें कि राशि आपके खाते में आ गई है।
  • डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स के साउंड बॉक्स का इस्तेमाल करें।

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