Ram Mandir Donation Scam | आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेशं के प्रभारी संजय सिंह ने राम मंदिर में हुई लूट मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को बड़ी कार्रवाई बता रही ईडी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ईडी पार्टी इस्तीफे को बड़ा त्याग बताने का ढोंग न करे। भगवान राम में आस्था है तो उनका पैसा लूटने वालों को फांसी दिलाए। इस्तीफा दिलाकर चंपत राय और अनिल मिश्रा को बचाया जा रहा है। क्योंकि अगर इन्होंने मुंह खोला तो ईडी पार्टी को चपत लग जाएगी। मोहम्मद गजनवी ने सोमनाथ का मंदिर लूटा था, चंदा चोर पार्टी के लोगों ने तो भगवान राम का मंदिर ही लूट लिया। बताया जा रहा है कि कर्नाटक की तरह राम मंदिर निर्माण में भी ईडी पार्टी 40 फीसद कमीशन खा रही थी। कर्नाटक में इनकी सरकार चली गई, अब यूपी में भी वही हश्र होगा।
रविवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से प्रभु श्री राम के मंदिर में लूट का मसला चर्चाओं में है। लेकिन यह तो अभी की घटना है। इस लूट और चोरी को सबसे पहली बार मैंने वर्ष 2021 में उजागर किया था। तब मैंने साफ तौर पर दिखाया था कि कैसे सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी से 2 करोड़ की जमीन महज 5 मिनट के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनाए गए ट्रस्ट और चंपत राय के द्वारा 18.5 करोड़ में खरीदी गई। इन दोनों जमीन की डील (चाहे 2 करोड़ वाली हो या 18.5 करोड़ वाली) में तत्कालीन ईडी पार्टी के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ही गवाह थे। लेकिन तब मुझे चारों तरफ से गालियां पड़ीं और कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि मैंने अयोध्या कोतवाली में इसकी तहरीर भी दी थी।
संजय सिंह ने कहा कि इसके बाद चढ़ावे में चोरी का मामला सामने आया। यह इतना बड़ा भंडाफोड़ हुआ कि रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। पता चल रहा है कि सैकड़ों हजारों करोड़ की चोरी तो दान पात्र से हो गई। इसके अलावा चांदी, गहने, आभूषण और पादुका तक चोरी हो गई। फिर यह पता चला कि प्रभु श्री राम के मंदिर के निर्माण में 40-40 फीसद कमीशन मांगा जाता है। यह बात मैं नहीं, बल्कि उस काम में शामिल इंजीनियर दीनानाथ वर्मा कह रहे हैं। 40 फीसद कमीशन के नाम पर कर्नाटक में ईडी पार्टी की एक सरकार चली गई थी और वही 40 फीसद कमीशन चंदा चोर पार्टी के लोग राम मंदिर में भी खा रहे थे।
संजय सिंह ने कहा कि इसके बाद पता चला कि वहां औने-पौने दाम की कई जमीनें करोड़ों रुपए में खरीदी गईं। एक नजूल की जमीन, जिसे न खरीदा जा सकता है और न बेचा जा सकता है, उसे 24 करोड़ में खरीद लिया गया, जबकि एसडीएम लिखित में दे रहा है कि यह नजूल की जमीन है। एक 9 करोड़ की जमीन 55 करोड़ 47 लाख में खरीदी गई। जहां योगी जी की सरकार किसानों को मात्र 4 लाख 40 हजार रुपए प्रति बिस्वा मुआवजा दे रही है, वहीं ट्रस्ट किसान आलोक बंसल से 47 लाख रुपए प्रति बिस्वा में जमीन खरीदता है। ईडी पार्टी के मेयर का भतीजा दीप नारायण 20 लाख में एक जमीन खरीदता है और दो-तीन महीने बाद ढाई करोड़ में ट्रस्ट को बेच देता है। इसके अलावा, मेयर ऋषिकेश उपाध्याय के भतीजे को दान में निशुल्क मिली एक जमीन वह 1 करोड़ में ट्रस्ट को बेच देता है। एक 92 लाख की जमीन 5 करोड़ 60 लाख में ट्रस्ट को बेची जाती है। मैंने ऐसे ही 13 महत्वपूर्ण दस्तावेज एसआईटी को सौंपे हैं, जिनमें सभी जगह चंपत राय के दस्तखत थे।
संजय सिंह ने कहा कि जिस दिन मैं एसआईटी के सामने दस्तावेज दे रहा था और अरविंद केजरीवाल अयोध्या पहुंचे, तो आनन-फानन में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर लिख दी गई। सरकार ने इन्हें बैंक कर्मचारी बताया, लेकिन पता चला कि वे सभी अनिल मिश्रा और बाकी लोगों के रिश्तेदार हैं जिन्हें 18-20 हजार रुपए देकर बैंक का टेंपरेरी कर्मचारी बनवा दिया गया था। यही लोग गड्डियां गिनते थे, गड्डियों में ज्यादा रुपए रखते थे और चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के नेतृत्व में चोरी करके चंपत हो जाते थे। इसमें लवकेश मिश्रा, टिन्नू यादव, अविनाश शुक्ला, अल्पेश मिश्रा जैसे तमाम पात्र शामिल हैं।
संजय सिंह ने कहा कि जब केजरीवाल इस मुद्दे को उठाते हैं तो योगी जी मैदान में कूद आते हैं कि दिल्ली से एक सज्जन आकर राम मंदिर का मुद्दा उठा रहे हैं। केजरीवाल ने उनसे कहा कि जिन्होंने राम मंदिर का चंदा नहीं छोड़ा बाबा जी, वो आपको भी नहीं छोड़ेंगे, इसलिए इस महापाप के खिलाफ लड़ाई में हमारा साथ दीजिए। 40 दिन की सीसीटीवी फुटेज में 70 बार चोरी के प्रमाण सामने आए हैं। मेरा सवाल है कि सिर्फ 40 दिन की फुटेज क्यों देखी गई? महिपाल सिंह का बयान दर्ज क्यों नहीं किया गया जो 2020-21 से चोरी की बातें कह रहे हैं। अगर सालों साल से चल रही चोरी की जांच होगी तो कई हजार बार की चोरी और हजारों करोड़ के घोटाले का मामला सामने आएगा।
संजय सिंह ने कहा कि क्या यह हजारों करोड़ रुपए सिर्फ चंपत राय, अनिल मिश्रा और ऋषिकेश उपाध्याय ने खा लिए? इस हजारों करोड़ की लूट में चंदा चोर पार्टी के कई लोग शामिल हैं। लेकिन इनकी जांच कौन करेगा क्योंकि चंदा चोर पार्टी ने ही ट्रस्ट बनाया, चंदा चोर पार्टी ने ही एसआईटी बनाई और चंदा चोर पार्टी के ही नियुक्त किए गए अधिकारी जांच कर रहे हैं। यानी तार ऊपर से लेकर नीचे तक हैं। मोदी जी बात-बात पर रोने लगते हैं, भावुक हो जाते हैं, सेना के कार्यक्रम में जाते हैं तो ब्रिगेडियर बन जाते हैं, मंदिर में जाते हैं तो संत-महात्मा बन जाते हैं, चुनाव आता है तो गुफा में चले जाते हैं। लेकिन राम मंदिर के नाम पर चंदा चोरी और लूट हुई, फिर भी भारत के प्रधानमंत्री के मुंह से एक शब्द नहीं निकला। उन्होंने यह बयान क्यों नहीं दिया कि इन चंदा चोरों को फांसी होनी चाहिए क्योंकि इसमें उनकी पार्टी के लोग शामिल हैं।
संजय सिंह ने कहा कि ईडी पार्टी ने मंदिर प्रकोष्ठ बनाकर पूरे देश से हजारों करोड़ रुपए का चंदा इकट्ठा किया था। ईडी पार्टी के विधायक, सांसद, मंत्री और आरएसएस के लोगों को जिले-जिले से करोड़ों रुपए इकट्ठा करने का टास्क दिया गया था। प्रतापगढ़ के एक बुजुर्ग ने अपनी जमीनें बेचकर 1 करोड़ चंदा दिया, उद्धव ठाकरे ने भी 1 करोड़ का चंदा देने की बात कही है। लोगों ने चांदी, हार और पादुका दी। उनका हिसाब कौन देगा? उन सांसदों, विधायकों और मंत्रियों से पूछताछ क्यों नहीं होनी चाहिए जिन्होंने चंदा इकट्ठा करके पहुंचाया और इस चोरी पर खामोश हैं? यह सारा हजारों करोड़ का चंदा चंदा चोर पार्टी ने ही इकट्ठा किया था और चोरी का माल उन्हीं तक पहुंचाया गया है।
संजय सिंह ने कहा कि सिर्फ चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे से काम नहीं चलेगा। योगी जी और मोदी जी यह दिखाने की कोशिश न करें कि बहुत बड़ा तीर मार दिया या कोई त्याग और बलिदान कर दिया। चंदा चोरी का माल दिल्ली और नागपुर पहुंचाया गया है। चंदा चोर पार्टी के नेताओं की हिम्मत चंपत राय के खिलाफ कार्रवाई करने की इसीलिए नहीं हो रही थी कि अगर चंपत राय कुछ बोल देगा, तो इनकी भी चपत लग जाएगी। इसी वजह से गोपाल राव और अनिल मिश्रा पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। रामलला विराजमान के पक्ष में फैसला हुआ है, भगवान श्री राम वहां बाल्य स्वरूप में हैं, लेकिन ये लोग उनका ही पैसा लूटकर खा रहे हैं। प्रभु श्री राम का पैसा लूटने वाले ऐसे चंदा चोरों को फांसी होनी चाहिए।
संजय सिंह ने कहा कि योगी जी और मोदी जी चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को दिखाकर किसी त्याग और समर्पण की बात करने की कोशिश न करें। ऐसा हल्ला न मचाएं कि इस्तीफा दिलाकर इन लोगों ने कोई बहुत बड़ा काम या बहुत बड़ी कार्रवाई कर दी है। इन लोगों ने सनातन धर्म की पीठ में छुरा मारा है और करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर छुरा मारने का काम किया है।
संजय सिंह ने कहा कि इन लोगों ने भगवान श्री राम का मंदिर लूटा है। जिस तरह मोहम्मद गजनवी ने सोमनाथ का मंदिर लूटा था, उसी तरह चंदा चोर पार्टी यानी भाजपा ने प्रभु श्री राम का मंदिर लूटा है। यह महापाप करने वालों को फांसी की सजा होनी चाहिए। इस लूट में इस तरफ से उस तरफ तक सब शामिल हैं, सब शरीक-ए-जुर्म हैं और कोई बचा नहीं है। इस घोटाले पर जितना पर्दा डालने की कोशिश की जाएगी, ये लोग उतना ही बेनकाब होंगे।

