Site icon

वैष्णो देवी हादसा: भूस्खलन में 30 श्रद्धालुओं की मौत, पीएम मोदी ने जताया शोक

Vaishno Devi News

Vaishno Devi News | जम्मू-कश्मीर के कटरा में श्री माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर मंगलवार देर रात भूस्खलन होने बड़ा हादसा हो गया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस आपदा में अब तक 30 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हैं। हादसा अर्धकुवारी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास हुआ, जहां भारी बारिश के चलते चट्टानें और मलबा गिर पड़ा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक जताते हुए इसे “अत्यंत दुखद” बताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और प्रशासन पूरी तरह राहत व बचाव कार्य में जुटा है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “श्री माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर भूस्खलन के कारण हुई मौतें दुखद हैं। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रशासन प्रभावित लोगों की हर संभव मदद कर रहा है। सभी की सुरक्षा और कुशलता के लिए प्रार्थना करता हूं।”

भूस्खलन से यात्रा बाधित, बारिश बनी आफत

अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन के कारण यात्रा मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) ने जानकारी दी कि राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी है और इसके लिए अतिरिक्त जनशक्ति व मशीनरी लगाई गई है। बोर्ड ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर लिखा:

“इंद्रप्रस्थ भोजनालय, अर्धकुवारी के पास भूस्खलन की घटना हुई है। कुछ श्रद्धालुओं के घायल होने की आशंका है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। जय माता दी।”

लगातार हो रही बारिश से न केवल यात्रा मार्ग बाधित हुआ है, बल्कि क्षेत्र की अन्य यातायात सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

रेल सेवाएं भी ठप

भारी बारिश और भूस्खलन के कारण क्षेत्रीय रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है। अधिकारियों ने बताया कि 18 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, क्योंकि पठानकोट कैंट और कंदरोरी के बीच चक्की नदी में अचानक आई बाढ़ और मिट्टी धंसने के कारण रेल यातायात रोकना पड़ा। इससे यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

Vaishno Devi हादसे पर अमित शाह ने भी जताया दुख

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना को “बेहद दुखद” बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार हर संभव मदद कर रही है। उन्होंने लिखाः

“जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन की घटना अत्यंत दुखद है। इस संबंध में मैंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला जी और उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा जी से बात की है। स्थानीय प्रशासन घायलों की मदद के लिए राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है और एनडीआरएफ की टीमें भी वहां पहुंच रही हैं।”

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जताया दुख

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इस आपदा पर गहरा दुख प्रकट किया। उन्होंने अपने ‘एक्स’ अकाउंट से लिखा,

“लगातार बारिश के चलते हुए भूस्खलन में श्रद्धालुओं की जान जाना अत्यंत दुखद है। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। प्रशासन को तुरंत सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।”

श्रद्धालुओं में दहशत, यात्रा आंशिक रूप से रोकी गई

भूस्खलन की खबर मिलते ही यात्रा मार्ग पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने तत्काल श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। कई यात्रियों ने बताया कि बारिश और भूस्खलन के कारण मार्ग पर चारों ओर मलबा बिखरा था, जिससे पैदल यात्रा करना बेहद कठिन हो गया।

सूत्रों के मुताबिक, यात्रा को आंशिक रूप से रोक दिया गया है और केवल सुरक्षित मार्गों पर ही श्रद्धालुओं को जाने की अनुमति दी जा रही है।

मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश

राहत एवं बचाव कार्यों में लगे अधिकारियों ने कहा कि कुछ लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं। सेना, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और श्राइन बोर्ड की टीमें मिलकर राहत कार्य में लगी हैं। भारी बारिश के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन सभी एजेंसियां मिलकर कार्य कर रही हैं।

श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए इस भूस्खलन ने न केवल दर्जनों परिवारों को शोक में डुबो दिया है, बल्कि यात्रा पर निकले हजारों श्रद्धालुओं के लिए भी संकट खड़ा कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा संवेदनाएं व्यक्त करने के साथ-साथ राहत कार्य तेज़ी से जारी है। बावजूद इसके, हालात को सामान्य होने में अभी समय लग सकता है क्योंकि मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक भारी बारिश की संभावना जताई है।

Exit mobile version