उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि बबुआ अभी बालिग नहीं हुआ है। आदित्यनाथ ने प्रदेश विधानसभा की नौ सीट पर उपचुनाव के लिए प्रचार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों के पक्ष में रैलियों को संबोधित किया।
योगी ने करहल में एक रैली को संबोधित करते हुए अखिलेश पर निशाना साधा। उन्होंने कहा-
“कुछ लोगों की प्रवृत्ति होती है, जो जिंदगी भर उनके साथ जुड़ जाती है। बबुआ (अखिलेश यादव) अभी बालिग नहीं हुआ है इसलिए कभी-कभी ऐसा काम कर देता है, जिससे मैनपुरी वालों के सामने भी संकट खड़ा हो जाता है।”
वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में सपा और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के गठबंधन पर राजनीतिक विरोधियों ने अखिलेश को ‘बबुआ’ और बसपा प्रमुख मायावती को ‘बुआ’ नाम दिया था।
सपा की लाल टोपी पर योगी का तंज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा पहनी जाने वाली लाल टोपी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा-
“लाल टोपी-काले कारनामे को पनपने मत दीजिए। यह लोग षडयंत्र कर रहे हैं और फिर से उत्तर प्रदेश को अराजकता में धकेल देंगे।”
प्रदेश की फूलपुर, गाजियाबाद, मझवां, खैर, मीरापुर, सीसामऊ, कटेहरी, करहल और कुंदरकी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा और 23 नवंबर को मतगणना होगी।
कांग्रेस-सपा के गठबंधन पर कटाक्ष
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अखिलेश यादव का आचरण अपने पिता और समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव की भावनाओं के विरुद्ध है।” योगी ने आरोप लगाया-
“अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी, कांग्रेस की गोदी में खेल रही है जबकि कांग्रेस ने ही आपातकाल में नेताजी (मुलायम सिंह यादव) को जेल में बंद किया था।”
उन्होंने कहा, “नेताजी हमेशा कांग्रेस का विरोध करते थे और वह कहते थे कि धोखे से भी इसके साथ नहीं रहना है लेकिन सपा अब नेताजी के मूल्यों-आदर्शों से खुद को दूर कर चुकी है।” योगी ने कहा-
“सपा नेतृत्व के कृत्यों से मुलायम सिंह यादव को कष्ट हो रहा होगा कि उनका सपूत सपा को कांग्रेस के पास गिरवी रखकर पार्टी का सत्यानाश करने पर उतारू हो गया है।”
योगी ने समाजवादी पार्टी को ‘रामद्रोही’ करार दिया। उन्होंने कहा-
“सपा के नेता राम मंदिर का दर्शन करने नहीं गए क्योंकि उन्हें लगता था कि वोट बैंक खिसक जाएगा। करहलवासी उनसे कहें कि आप कृष्ण-कन्हैया का सम्मान नहीं कर सकते तो हमारा वोट लेने क्यों आते हैं। हम आपसे ‘बाय-बय’ करते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “भाजपा ने कहा था कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे और भाजपा ने करके दिखा दिया। श्री कृष्ण-कन्हैया हम आएंगे, मथुरा में भी जनभावना का सम्मान कराएंगे, क्या सपा इस पर सहमत है।”
योगी ने पूछा, “क्या समाजवादी पार्टी मथुरा-वृंदावन को लेकर सरकार की सोच का समर्थन करेगी? उन्हें वोट चाहिए, लेकिन कृष्ण-कन्हैया का सम्मान नहीं। वे इस पर मौन हैं।” योगी ने मतदाताओं को सावधान करते हुए कहा-
“कांग्रेस जब भी सफल होगी, तब आपको विभाजित करके सफल होगी। इसलिए बंटिए मत, जब बंटे थे तो कटे थे। एक रहेंगे तो नेक और सुरक्षित रहेंगे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि यह (सपा और कांग्रेस) माफिया व अपराधी प्रवृत्ति के तत्वों और दंगाइयों को गले लगाकर प्रदेश को दंगे की आग में झोंकने का प्रयास करते हैं। योगी ने फूलपुर के पूर्व सांसद अतीक अहमद और मऊ के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी का नाम लिए बिना कहा-
“प्रयागराज हो या गाजीपुर के माफिया, सपा निर्दोष नागरिकों पर संवेदना नहीं व्यक्त करती लेकिन माफिया के यहां फातिहा पढ़ने चले जाते हैं।”
योगी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “1984 में सिख बंधुओं के साथ जिस निर्ममता के साथ बर्बर अत्याचार किया था, यह कांग्रेस के चेहरे को दिखाता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सपा-बसपा और कांग्रेस एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.