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Zoho के मैसेजिंग ऐप Arattai के नाम का मतलब क्या है? जानें क्यों हो रही इतनी चर्चा

What is the meaning of the name of Zoho’s messaging app “Arattai”?

arattai meaning in hindi | टेक्नोलॉजी कंपनी जोहो (Zoho) के हाल ही में लॉन्च हुए ‘मेड इन इंडिया’ मैसेजिंग ऐप अरट्टई (Arattai App) ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है। इस ऐप को WhatsApp के देसी (Indigenous) विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। Arattai की ग्रोथ रेट तेज़ है, और यह अपनी ‘सबके साथ जुड़ो’ वाली रणनीति के कारण ख़ास सुर्खियां बटोर रहा है।

Arattai App के यूज़र्स की संख्या में 100 गुना उछाल

Arattai की लोकप्रियता में ज़बरदस्त बूम आया है। जोहो के चीफ साइंटिस्ट, श्रीधर वेम्बु (Sridhar Vembu), ने बताया कि Arattai के नए साइन-अप में सिर्फ़ तीन दिनों के भीतर 100 गुना ग्रोथ हुई है। पहले जहाँ रोज़ाना लगभग 3,000 नए यूज़र्स आ रहे थे, अब यह संख्या बढ़कर 3,50,000 हो गई है। वेम्बु ने कहा है कि कंपनी इस अचानक हुई भयंकर ग्रोथ को संभालने और फ्यूचर में और यूज़र्स को सपोर्ट करने के लिए अपने इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) को तेज़ी से अपग्रेड कर रही है।

Arattai का क्या मतलब है? (arattai meaning in hindi)

ऐप के नाम ‘Arattai’ को लेकर भी काफ़ी क्यूरिऑसिटी है। यह नाम तमिल भाषा से आया है और इसका सीधा मतलब है “सामान्य बातचीत” या “गपशप”। यह नाम साफ़ तौर पर बताता है कि ऐप का मक़सद दोस्तों और फ़ैमिली के साथ हल्की-फुल्की और कैज़ुअल (Casual) बातचीत का मीडियम बनना है।

सरकार का सपोर्ट और ‘स्वदेशी’ अपील

Arattai को बड़े पॉलिटिकल सपोर्ट भी मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ‘X’ पर इस ऐप का सपोर्ट करते हुए लिखा,

“जोहो द्वारा डेवलप किया गया Arattai इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप फ्री, यूज़र-फ्रेंडली, सिक्योर और ‘मेड इन इंडिया’ है। प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी की स्वदेशी अपनाओ की अपील से मोटिवेट होकर, मैं सभी से रिक्वेस्ट करता हूँ कि वे दोस्तों और फ़ैमिली के साथ कनेक्ट रहने के लिए भारत में बने ऐप्स को यूज़ करें।”

WhatsApp जैसा ‘बंद’ सिस्टम नहीं

Arattai की सबसे बड़ी और ख़ास बात यह है कि यह इंटरऑपरेबिलिटी (Interoperability) पर ज़ोर दे रहा है, जिसका मतलब है खुले दिल से सबके साथ जुड़ना

इसका सबसे बड़ा गोल है कि आप Arattai यूज़र होने के बावजूद WhatsApp और Telegram जैसे दूसरे ऐप्स पर मौजूद लोगों से भी आराम से चैट कर सकें।

श्रीधर वेम्बु ने कन्फर्म किया कि कंपनी इस काम के लिए UPI प्रोटोकॉल बनाने वाले ग्रुप iSpirt के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि मैसेजिंग के नियम (Protocols) ओपन किए जा सकें।

उन्होंने साफ़ किया, “यह सिस्टम UPI और ईमेल की तरह ‘खुला’ होना चाहिए, न कि आज के WhatsApp की तरह ‘बंद’ (Closed)। हम कभी भी मार्केट में अपनी ‘मोनोपोली’ (Monopoly या एकाधिकार) नहीं बनाना चाहते।”

यानी, Arattai का इरादा है कि वह सबके लिए खुला एक डिजिटल इकोसिस्टम बनाए, जहाँ यूज़र्स एक ही जगह तक सीमित न रहें।

भारत में ही रहेगा डेटा

जोहो डेटा सिक्योरिटी और लोकल डेटा स्टोरेज (Local Data Storage) को लेकर भी बहुत सीरियस है। श्रीधर वेम्बु ने हाल ही में रिवील किया कि कंपनी इंडियन कस्टमर्स का डेटा इंडिया के अंदर ही स्टोर करती है और उसका कमिटमेंट है कि वह हर देश के डेटा को उसके अपने एरिया में ही रखेगी। इसके अलावा, इसकी सभी सर्विसेज़ पूरी तरह से कंपनी के ख़ुद के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर चलती हैं, जो टेक्निकल आज़ादी (Technical Independence) पर जोहो के फ़ोकस को दिखाती हैं।

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