दिल्ली पुलिस ने आईजीआई एयरपोर्ट के कार्गो एरिया से फोन उड़ाने वाले एक शातिर चोर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने आईजीआई एयरपोर्ट पर काम करने वाले एक कर्मचारी को 75 स्मार्टफोन चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अब तक 36 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं।
कैसे खुली पोल?
इस घटना का खुलासा तब हुआ जब ‘कार्गो सर्विसेज’ के बिक्री एवं मार्केटिंग प्रमुख संजय यादव ने छह फरवरी को ई-प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने 27 जनवरी को नोएडा फेज दो के गोदाम से इंदौर स्थित एक स्टोर के लिए 280 ब्रांडेड स्मार्टफोन भेजे थे। इनमें से एक बक्सा, जिसमें 75 स्मार्टफोन थे, गायब हो गया।
पुलिस जांच और खुलासा
घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम बनाई गई। एयरपोर्ट के ‘कार्गो लोडिंग और स्टोरेज एरिया’ के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की गई, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिला। इसके बाद चोरी किए गए मोबाइल फोन की तकनीकी निगरानी शुरू की गई।
पुलिस को सफलता तब मिली, जब कुछ चोरी हुए फोन अनजाने में ईस्ट पटेल नगर के एक मोबाइल डीलर सुमन कुमार के पास पहुंच गए। पूछताछ में सुमन ने बताया कि उसने 27 फोन दूसरे डीलर अरुण शर्मा से खरीदे थे, जिसकी कुल कीमत 26 लाख रुपये से अधिक थी।
मुख्य आरोपी तक कैसे पहुंची दिल्ली पुलिस?
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (आईजीआई) उषा रंगनानी के अनुसार, जब ग्राहक बिल न होने के कारण फोन लौटाने लगे, तो सुमन ने उन्हें वापस अरुण शर्मा को दे दिया। जांच के दौरान पता चला कि अरुण शर्मा ने ये फोन मथुरा के एक व्यक्ति, साहिल, से खरीदे थे। साहिल ने इनमें से 27 फोन सुमन को बेचे थे, जबकि उसके पास अभी भी सात फोन थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया। हालांकि, साहिल अभी भी फरार है।
इसके अलावा, एक चोरी हुआ फोन गुरुग्राम के एक ग्राहक ने स्थानीय दुकानदार चिंटू से खरीदा था। पूछताछ में चिंटू ने बताया कि उसने दो सीलबंद फोन निखिल कुमार से खरीदे थे और ऑनलाइन भुगतान का सबूत भी पुलिस को दिया।
मुख्य आरोपी का कबूलनामा
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मोनू उर्फ निखिल कुमार (28) पिछले दो वर्षों से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ‘ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी’ में काम कर रहा था। पूछताछ में निखिल ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने एयरपोर्ट के एक सुनसान पार्किंग क्षेत्र में खेप को रखे जाते देखा और स्थिति का फायदा उठाकर 75 स्मार्टफोन वाला बक्सा चुरा लिया।
उसने पहले चोरी किए गए फोन को एयरपोर्ट के एक पुराने, अप्रयुक्त कंटेनर में छिपाया और धीरे-धीरे बाहर निकालकर बेचना शुरू कर दिया। निखिल कुमार ने अपने दोस्त साहिल को 55 और चिंटू को दो फोन बेचे।
अब तक की बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने निखिल कुमार की गिरफ्तारी के बाद 36 स्मार्टफोन बरामद किए हैं। फिलहाल, साहिल की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं, ताकि शेष चोरी हुए स्मार्टफोन भी बरामद किए जा सकें।
यह मामला सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद खामियों को उजागर करता है, खासकर देश के प्रमुख हवाईअड्डों पर। इस चोरी का सफलतापूर्वक खुलासा पुलिस की सतर्कता और तकनीकी निगरानी की कुशलता का उदाहरण है। मामले की जांच अभी भी जारी है, और पुलिस उम्मीद कर रही है कि जल्द ही अन्य अपराधियों को भी पकड़ लिया जाएगा।
(स्रोत: दिल्ली पुलिस)
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