नोएडा: फर्जी फोनपे ऐप से दुकानदारों को चूना लगाने वाला गिरफ्तार

नोएडा पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने फर्जी फोनपे ऐप (phonepe fake payment) का इस्तेमाल कर कई दुकानदारों को ठगते हुए लगभग दो लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। आरोपी आर्यन, जो कि नोएडा के विभिन्न इलाकों में घूम-घूमकर दुकानदारों से सामान खरीदने के बहाने धोखा देता था, को थाना फेस-2 पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से घटनाओं में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और कुछ शराब की बोतलें बरामद की हैं, जिन्हें उसने इसी फर्जी ऐप का उपयोग कर खरीदा था।

कैसे करता था फर्जीवाड़ा? (phonepe scammer app)

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक फर्जी फोनपे ऐप को एपीके फाइल के जरिए अपने मोबाइल में डाउनलोड किया था। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं है। पहली नजर में यह ऐप बिल्कुल असली फोनपे ऐप जैसा दिखता है। इस ऐप की खासियत यह है कि यह किसी भी दुकान के बारकोड को स्कैन कर पेमेंट के फर्जी पॉपअप और स्क्रीनशॉट दिखाता है।

असलियत में न तो कोई पैसा दुकानदार के खाते में ट्रांसफर होता है और न ही ग्राहक के अकाउंट से कोई राशि कटती है। इस फर्जी ऐप के जरिए कोई भी यूपीआई आईडी और पिन डालकर पेमेंट की झूठी स्क्रीन दिखा सकता है। दुकानदार इस नकली ऐप पर विश्वास कर लेते थे और इसे असली पेमेंट समझकर सामान सौंप देते थे।

रील से मिला ठगी का आइडिया

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसे यह ठगी का आइडिया सोशल मीडिया पर एक रील देखकर आया था। इसके बाद उसने अपने एक परिचित से इस फर्जी ऐप को हासिल किया और इसका इस्तेमाल कर दुकानदारों को चूना लगाना शुरू कर दिया। आरोपी ने बताया कि वह पिछले दो-तीन महीने से इस तरीके का इस्तेमाल कर रहा था और अब तक करीब दो लाख रुपये के सामान पर हाथ साफ कर चुका है।

नोएडा पुलिस का बयान

इस मामले पर नोएडा पुलिस के डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा:

आरोपी ने फर्जी फोनपे ऐप का इस्तेमाल कर दुकानदारों को धोखा दिया। यह ऐप असली ऐप की तरह दिखता है, जिससे दुकानदार पेमेंट के झूठे स्क्रीनशॉट पर विश्वास कर लेते थे। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

फर्जी ऐप से खरीदी शराब

गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से शराब की कुछ बोतलें भी बरामद की गईं, जिन्हें उसने फर्जी पेमेंट ऐप का इस्तेमाल कर खरीदा था।

सावधानी बरतने की अपील

पुलिस ने दुकानदारों और आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी डिजिटल पेमेंट को स्वीकार करने से पहले सावधानी बरतें। दुकानदारों को सलाह दी गई है कि वे अपने बैंक खाते में ट्रांजैक्शन की पुष्टि किए बिना सामान न दें।

साइबर क्राइम पर सतर्कता की आवश्यकता

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि डिजिटल लेन-देन में सतर्कता कितनी जरूरी है। फर्जी ऐप्स और तकनीकी का दुरुपयोग करने वाले ठग लोगों को चूना लगाने के लिए नई-नई तरकीबें खोज रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इस तरह के अपराधों से निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है।

आरोपी फिलहाल पुलिस की हिरासत में है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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